पैरंट्स भी बनें बच्चों के गुरु

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नई दिल्ली
भागदौड़ भरी जिंदगी में पैरंट्स बच्चों को पर्याप्त समय नहीं दे पाते। इसका असर बच्चों के व्यवहार के साथ ही उनकी पढ़ाई पर भी पड़ता है। ऐसे में टीचर्स डे के मौके पर हमने बात की कुछ टीचर्स से जिन्होंने कुछ जरूर टिप्स दिए ताकि पैरंट्स खासतौर पर मां अपने बच्चे की अच्छी गुरु बन सके.

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च्चों को करें प्रोत्साहित
बच्चों को प्रोत्साहन देना बहुत जरूरी है। अगर बच्चा अच्छा काम कर रहा है तो उसे इनाम स्वरूप कुछ देना चाहिए ताकि बच्चे और भी मन लगा कर काम करें। साथ ही सबसे जरूरी बात यह है कि पैरंट्स को अपने बच्चों को पूरा समय देना चाहिए। उनसे हर रोज स्कूल की गतिविधियों के बारे में पूछें ताकि बच्चे और पैरंट्स के बीच संवाद कायम रहे।

समस्याओं को नजरअंदाज न करें
मां अपने बच्चों की बेहतर टीचर तभी बन सकती है, जब वह घर का माहौल बेहतर रखे। बच्चों को हर चीज को प्रैक्टिकली समझाना चाहिए, क्योंकि बच्चा अगर कुछ देखता है तो उसे तुरंत सीखता है। बच्चों पर नजर रखें और उनकी समस्याओं को नजरअंदाज करने की बजाए उसका तुरंत समाधान करें।

बातचीत करना है जरूरी
अभिभावक अच्छे गुरु तभी बन सकते हैं जब वे बच्चों से खुलकर बात करें। बच्चों से उनकी पढ़ाई के साथ ही दोस्तों के बारे में भी पूछें। बच्चे स्कूल में लंच ब्रेक में क्या करते हैं, कैसे गेम्स खेलते हैं, उनकी दिनभर की दिनचर्या कैसी थी, इन बातों की जानकारी पैरंट्स को होनी चाहिए। इसके अलावा सबसे जरूरी है कि पैरंट्स अपनी ऐक्टिविटी बेहतर रखें चूंकि जो पैरंट्स करते हैं बच्चे भी वही सीखते हैं।

बच्चों के मन की बात समझें
पैरंट्स को चाहिए कि वे बच्चों के मन की बात को समझें। बच्चे आजकल बहुत प्रेशर में रहते हैं। पढ़ाई का प्रेशर, खेलकूद में आगे रहने का प्रेशर, एक्सट्राकरिकुलर ऐक्टिविटीज़ का प्रेशर। ऐसे में पैरंट्स को चाहिए कि वे अपने बच्चों के साथ क्लोज रहें। अगर बच्चे की पढ़ाई के अलावा किसी अन्य चीज में रुचि है, तो उसे बढ़ावा दें।

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